दर्दनाशक प्राकृतिक औषधियाँ
January 29, 2019 • Swasthaya Rakshak

                                                                                                                    

आप असहनीय दर्द से परेशान है? इसके लिए आपको Over the Counter (OTC) Pain Killers लेने या डॉक्टर द्वारा लिखे गये heavy dose दर्दनाशक औषधियाँ लेने की आवश्यकता नहीं है। अपने आसपास नजर डालिये प्रकृति ही आपको स्वाभाविक दर्द नाशक औषधियॉ देने को तैयार है। पेड़ पौधे, जड़ी बूटियाँ से ही हर प्रकार के दर्द जैसे सर- दर्द, गठिया का दर्द यहां तक कि जलने के उपचार के लिए औषधियाँ प्राप्त हो सकती है।दर्दनाशक औषधियाँ उन Chemicals को block करती है जो दर्द को trigger करते हैं, अनेकों प्रकृति प्रदत्त तत्व है जो यही कार्य । बिना किसी side effects के करते हैं। हमें शरीर के किसी अंग में दर्द हो रहा है। यह संदेश हमारे शरीर के दर्द प्रभावित Body tissue से उत्पन्न रसायनों से शरीर के स्नायु तंत्र के द्वारा दिमाग को सूचना पहुंचती है। साधारणतः दर्द को कम करने या रोकने के लिए हम Over the Counter (OTC) दर्द नाशक दवाईयॉ जैसे pain killer, एस्पिरीन (aspirin), paracetamol या buprofen लेते हैं। वैज्ञानिक अभी भी पूर्णतः नहीं जानते कि दर्दनाशकनिश्चित निश्चित रूप से क्या कार्य करता है परन्तु विभिन्न प्रकार के दर्दनाशक दर्द के स्थान से chemical release होने से, स्नायुतंत्र के द्वारा संदेश दिमाग तक पहुंचने और फिर दर्द का अहसास होने की प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर कार्य करते हैं। Aspirin या NSAID (Non Steroidal antiinflama- tory drugs) जैसे कि iobuprofen चोटिल स्थान से Indiaमद्रलम जो कि inflammatory chemicals को पैदा करने के लिए आवश्यक है उसे ही रोक देता है जबकि Paracetamol दिमाग से उत्पन्न होने वाले दर्द को महसूस कराने वाले Chemical जिसे Prostgaglandins कहते हैंउसे ही रोक देता है। साधारणतः दर्दनाशाक दवाईयाँ दर्द से छुटकारा दिलाने में असरकारक होती है । परन्तु लंबे समय तक उपयोग से अनेकों side effects भी होते हैं जैसे पाचन संस्थान संबंधी समस्यॉऐं, पेप्टिक अलसर, छोटी आंत संबंधी समस्यायें, पेप्टिक अलसर, छोटी आंत संबंधी समस्यायें आदि ANSAID के लंब उपयोग से जोड़ों में क्षरण एवं किडनी संबंधी समस्यायें भी उत्पन्न हो जाती है। विभिन्न प्रकार के दर्द हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का विभिन्न प्रकार के दर्द हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैंइसी कारण से प्राकृतिक दर्दनाशक (Natural pain killers) हमारी चिकित्सा का एक अभिन्न अंग बन चुके हैं । आजकल कुछ High tech food supplement का निर्माण दर्द को रोकने के लिए ही हुआ है। मुख्य प्राकृतिक दर्दनाशक तत्वों का विवरण नीचे दिया गया है

Bosewellia - यह एक भारतीय जड़ी हैIndia's Council for Scientific and Industrial Research ने अनेकों प्रयोग करें Rheumatic disease में इन औषधियों के उपयोग के परिणामों में पाया गया कि Boswellic Acids गठिया (RA) में अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ और बिना किसी side effects के यह दर्द पैदा करने वाले Chemical का उत्पादन (Leukotriences) कम कर देते हैं। 175 Rheumatoid arthiritis के मरीजों पर किये गये प्रयोग के बाद 97 प्रतिशत मरीजों ने दर्द, जोड़ों की सूजन एवं सुबह की जोड़ों की जकड़न में आराम बताया। इन मरीजों को प्रतिदिन 450 Mg boswellic Acid 3 से 4 सप्ताह तक नियमित रूप से दिया गया था । ऐसे परिणाम दर्दनाशक दवाइयों जैसे Ketoprofen एवं Phenylbutazone से भी प्राप्त हुये किन्तु Boswellic Acids लेने वाले मरीजों पर कोई अनचाहा दुष्प्रभाव नहीं हुआ। Boswellia supplement के साथ-साथ Cream के रूप में भी उपलब्ध है।

हल्दी (Turmeric) -   ) - हल्दी का उपयोग 2,500 वर्षों से खाना पकाने एवं घरेलू चिकित्सा में किया जा रहा है। हल्दी हमें अदरक के परिवार में पाये जाने वालापत्तेदार पौधे की जड़ जिसे Curcuma Longa कहते हैं से प्राप्त होती है । इसका सबसे महत्वपूर्ण component है curcumin इसके 6 मूल औषधीय गुण है। (1) antiinflamatory (2) antioxidant (3) antiviral (4) antibacterial (5) antifungal (6) Anticancer. हल्दी के इन्ही गुणों के कारण अनेकों अनुसंधान हो रहे  

      हैं और पाया गया है कि हल्दी Phenybbutazone drug की तरह ही प्रभावकारी है गठिया के दर्द को एवं सूजन को कम मरीजों करने में हल्दी शल्य क्रिया के बाद की (Post surgical परीक्षण inflammation) समस्याओं को कम करने में भी सहायक है। Curcumin ने tumor nercosis factor एवं growth factor supplement blockers के रूप में भी प्रभावकारी परिणाम रिष्ट है।

Collagen :- Collagen एक bioac- tive तत्व है जो जोड़ों का स्वास्थ्य रक्षक है। यह जोड़ों के क्षरण (degeneration) को repair करने में सहायक होता है। जोड़ों की गतिशीलता को बढ़ाने में मददगार होता है जिससे जोड़ों के दर्द में कमी आती है। Cell studies में भी यह पाया गया है Collagen peptides द्वारा दने से जोड़ों के leukotnenesको dietary suppement द्वारा दने से जोड़ों के जो दर्द में कमी आती है।

DL- Phynlalanine :- यह एक हैं कि Amino Acid है इसके दो molecग्राम H3CNHO ular forms है D एवं L L form में खाते एवं शरीर में पाया जाता हैऔर Phenylethylamine में ज्ञात परिवर्तित हो जाता है। किन्तु जब प्रयोगशाला में बनता है तब D एवं L arthritis श्रण होता है DLPA कहते हैं। DLPA पर Chicago University में हुये अनुसंधानों से पता चला कि 75% दर्द के रोगियों पर एक सप्ताह से एक माह के DLPA के उपयोग के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुये।

Bromelaion :- यह एक प्रोटीन को पचाने में सहायक enzyme है एवं अन्नानास में पाया जाता है। इसको Cream के रूप में भी उपयोग किया जा सकता हैं खिंचाव, मोच एवं मांसपे. शियों के तनाव | या खिंचाव में। एक 25 मरीजों पर किये गये परीक्षण में जो कि गठिया से पीड़ित थे Bromelain supplement से उनके जोड़ों की सूजन में काफी कमी आई और सबसे बड़ी बात उनके Steroid based medicine की dosage भी कम हो गईF

Fish Oil :- इसमें दो महत्वपूर्ण Omega-3 fatty acids होते हैं EPA एवं DHA में दो प्रकार के inflammatory Chemicals (Cytokines and leukotnenes) को block करते हैंजो कि शरीर में दर्द पैदा करते हैं । अनुसंधानों से ज्ञात हुआ हैकि 2.7 ग्राम EPA एवं 1.8 ग्राम DHA जोड़ों का दर्द करने में सहायक होते हैं।

Vitamin D :- कई अनुसंधानों से ज्ञात हुआ है भीषण दर्द एवं rheumatoid arthritis (गठिया) के मरीजों को Vitamin D level वह Dr. Plotinikoff की एक study 2003 में प्रकाशित हुई जिसके अनुसार 93% दर्द के रोगियों का Vitamin D अत्याधिक कम TT. A Vitamin D supplement करने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। उपरोक्त स्वाभाविक प्रकृति प्रदत्त दर्दनाशक दर्द को कम करने एवं दूर करने में बहुत सहायक हो सकते हैं हाँ ये हो सकता है कि त्वरित लाभ न हो परन्तु Side effects के खतरे से हम बचे रहेंगे। OTC drugs के लिये हम तुरंत ही नहीं दौड लगायेंगे 

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